धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने शनिवार को चांच विक्टोरिया (सीवी) क्षेत्र का दौरा कर खनन एवं वाशरी संचालन गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ महाप्रबंधक (सीवी क्षेत्र) संजय कुमार सिंह महाप्रबंधक (सुरक्षा) हफिजुल कुरैशी, महाप्रबंधक (वाशरी) सोहेल इकबाल, महाप्रबंधक (वाशरी कंस्ट्रक्शन), सहित बीसीसीएल मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
दौरे की शुरुआत क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में पौधारोपण से हुई, जहां सीएमडी ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति बीसीसीएल की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके बाद उन्होंने 1.6 एमटीपीए क्षमता वाली दहीबाड़ी एनएलडब्ल्यू कोल वाशरी का निरीक्षण किया और वाशरी संचालन की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने वर्तमान वाशरी फीड और यील्ड को तत्काल 1,500 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 3,000 टन प्रतिदिन करने तथा आगामी अक्टूबर से 4,400 टन प्रतिदिन की पूर्ण क्षमता हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने मशीनों की कार्यक्षमता, गुणवत्ता नियंत्रण और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया।
इसके बाद उन्होंने बसंतीमाता दहीबाड़ी विभागीय पैच का दौरा कर उत्पादन और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने उपलब्ध एचईएमएम (HEMM) मशीनों की स्थिति का जायजा लिया और उनकी उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करते हुए उत्पादन एवं डिस्पैच बढ़ाने पर बल दिया।
सीएमडी ने पंचायत भवन स्थानांतरण कार्य की प्रगति की समीक्षा करने के बाद दामागोरिया कोलियरी के साबनपुर पैच और बोरिरा पैच-ए (एक्सटेंशन) का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि बोरिरा पैच-ए (एक्सटेंशन) में 2 से 3 अतिरिक्त मशीनों की तैनाती से लगभग 14 लाख टन कोयला और 80 लाख घनमीटर ओवरबर्डन का निर्बाध निष्कर्षण संभव हो सकता है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को अतिरिक्त मशीनों की शीघ्र तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण हटाने और प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। सीएमडी ने इन प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बाद में आयोजित समीक्षा बैठक में दहीबाड़ी विभागीय ओपनकास्ट परियोजना (डीबीओसीपी), दामागोरिया कोलियरी और दहीबाड़ी वाशरी से संबंधित उत्पादन, डिस्पैच, मशीन उपलब्धता और भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
क्षेत्रीय कार्यालय लौटने के बाद सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने ऑपरेटरों, पर्यवेक्षकों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए उत्पादन वृद्धि और वाशरी फीड बढ़ाने की रणनीति साझा की। उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र में अधिक समय देकर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। साथ ही सुरक्षा मानकों, एसओपी के अनुपालन, टीमवर्क, पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कल्याणेश्वरी परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया अगले छह माह के भीतर शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर डीबीओसीपी, दामागोरिया कोलियरी और दहीबाड़ी वाशरी के परियोजना पदाधिकारियों के अलावा एसीबी के प्रतिनिधि रवि नायर, भगवान प्रसाद, मंटूष बाल और राजीव सिंह, मेसर्स बिष्णु ट्रांसपोर्ट कंपनी के प्रतिनिधि बिट्टू खन्ना, मेसर्स आरए माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि राजा पिल्लई सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
बीसीसीएल सीएमडी का यह दौरा उत्पादन बढ़ाने, वाशरी प्रदर्शन सुधारने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, भूमि संबंधी बाधाओं के समाधान और सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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