कोलकाता/धनबाद। कोलकाता में आयोजित BigMint India Ferrous Week 2026 के दूसरे दिन भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) मनोज कुमार अग्रवाल ने कोकिंग कोयला उपभोक्ताओं के साथ महत्वपूर्ण संवाद किया। इस दौरान उन्होंने गुणवत्तापूर्ण कोयले की उपलब्धता, विश्वसनीय आपूर्ति और पारदर्शी कोयला आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने पर जोर दिया।
BigMint द्वारा 19 से 21 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय India Ferrous Week 2026 में इस्पात एवं संबद्ध उद्योगों के उपभोक्ताओं के साथ ferrous industry के विभिन्न हितधारक भाग ले रहे हैं।
उपभोक्ताओं की जरूरतों और कोयले की गुणवत्ता पर चर्चा
BCCL और उसके उपभोक्ताओं के बीच हुए संवाद में कोकिंग कोयले की गुणवत्ता, आपूर्ति व्यवस्था, बाजार की बदलती जरूरतों और दीर्घकालिक ग्राहक संबंधों को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान इस्पात एवं ferrous उद्योग की मौजूदा और भविष्य की आवश्यकताओं को समझते हुए उनके अनुरूप कोयला आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने BCCL के उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी गुणवत्तापूर्ण कोयला, विश्वसनीय आपूर्ति, परिचालन दक्षता और उपभोक्ताओं के साथ निरंतर संवाद को प्राथमिकता दे रही है।
अवैध स्रोतों से कोयला खरीदने से बचें उपभोक्ता: CMD
उपभोक्ता संवाद के दौरान अवैध खनन और अनधिकृत कोयला निकासी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। उपभोक्ताओं ने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए BCCL प्रबंधन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि औपचारिक, पारदर्शी और सुव्यवस्थित कोयला आपूर्ति शृंखला को मजबूत करना केवल उत्पादकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें उपभोक्ताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने उपभोक्ताओं से राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हुए अवैध व्यापारियों अथवा अनधिकृत स्रोतों से कोयला नहीं खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकृत और जिम्मेदार स्रोतों से कोयले की खरीद पारदर्शी आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के साथ अवैध खनन को हतोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
घरेलू कोकिंग कोयले की उपलब्धता बढ़ाना जरूरी
मनोज कुमार अग्रवाल ने आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की बढ़ती औद्योगिक और इस्पात उत्पादन क्षमता को देखते हुए घरेलू कोकिंग कोयले की उपलब्धता को मजबूत करना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने इस दिशा में उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और आपसी विश्वास को दीर्घकालिक सफलता के लिए आवश्यक बताया।
CMD ने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न केवल कंपनी के मूल्यवान संसाधनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि इससे अधिक व्यवस्थित, जिम्मेदार और टिकाऊ खनन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में भी मदद मिलेगी।
पहले दिन भी विशेष सत्र में शामिल हुए थे BCCL CMD
उल्लेखनीय है कि BigMint India Ferrous Week 2026 का आयोजन 19 से 21 अगस्त 2026 तक कोलकाता में किया जा रहा है। आयोजन में कच्चे माल, इस्पात निर्माण, कोयला, व्यापार, लॉजिस्टिक्स, प्रौद्योगिकी और बाजार सहित पूरी ferrous value chain से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है।
कार्यक्रम के उद्घाटन दिवस यानी 19 अगस्त को भी BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने ‘BCCL: Enhancing Domestic Coking Coal Availability for Viksit Bharat’ विषय पर आयोजित सत्र में सम्मानित वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार रखे थे।
BCCL ने घरेलू कोकिंग कोयले की उपलब्धता बढ़ाने, कोयले की गुणवत्ता में सुधार, विश्वसनीय आपूर्ति, जिम्मेदार खनन और उपभोक्ताओं के साथ पारदर्शी संबंधों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। कंपनी के अनुसार ये प्रयास देश की इस्पात उत्पादन क्षमता को समर्थन देने के साथ आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करने में भी योगदान देंगे।
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