धनबाद। आईआईटी-आईएसएम, धनबाद में आज इंडस्ट्री–इंस्टीट्यूट इंटरेक्शन (III-2026) कॉनक्लेव एवं एग्ज़िबिशन का भव्य शुभारंभ हुआ। इस तीन दिवसीय आयोजन में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने अपने खदानों में उपयोग की जा रही हाईवॉल और लॉन्गवॉल माइनिंग तकनीकों के वर्किंग मॉडल्स सहित अत्याधुनिक नवाचारों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसने उद्योग जगत और शिक्षाविदों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
इस वर्ष III-2026 का मुख्य विषय “स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और ग्रीन एनर्जी: आत्मनिर्भर भारत की आवश्यकता” रखा गया है। यह आयोजन संस्थान के वार्षिक उत्सव “बसंतोत्सव” के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जो विज्ञान और संस्कृति को समर्पित है।

कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड के माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने किया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और संस्कृति के समन्वय को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि ऐसे मंच उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को सशक्त बनाते हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर बीसीसीएल के सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। उनके साथ प्रो. सुकुमार मिश्रा, निदेशक (आईआईटी-आईएसएम), श्री ए.के. मिश्रा, निदेशक (सिम्फर) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद, वैज्ञानिक, उद्योग प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

सम्मेलन एवं प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों और शैक्षणिक संगठनों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स में अत्याधुनिक तकनीकों और शोध कार्यों का प्रदर्शन किया गया। बीसीसीएल के स्टॉल ने विशेष आकर्षण का केंद्र बना, जहां हाईवॉल माइनिंग सिस्टम, लॉन्गवॉल माइनिंग और मोनोरेल माइनिंग सिस्टम के कार्यशील मॉडल्स प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही स्मार्ट माइनिंग, स्वचालन, सतत खनन पद्धतियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी बीसीसीएल की पहलों को भी प्रभावी रूप से दर्शाया गया।

सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने बीसीसीएल के स्टॉल का निरीक्षण कर टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच युवाओं और शोधकर्ताओं को उद्योग की वास्तविक चुनौतियों और संभावनाओं से जोड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार द्वारा कोकिंग कोल को क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल घोषित किए जाने के बाद बीसीसीएल की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। देश की इस्पात उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने में बीसीसीएल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि बीसीसीएल भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट माइनिंग, अत्याधुनिक तकनीकों, स्वचालन और पर्यावरण-अनुकूल खनन पद्धतियों को प्राथमिकता दे रहा है। लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि सुरक्षित, सतत और जिम्मेदार खनन के माध्यम से देश की ऊर्जा और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करना है।
III-2026 कॉनक्लेव स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और ग्रीन एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। आयोजन के दौरान तकनीकी सत्रों, परिचर्चाओं और प्रदर्शनियों के माध्यम से सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा।

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