लोदना क्षेत्र की खदानों में संभावित खतरों से बचाव और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से आज दिनांक 20 फरवरी 2026 को IIT-ISM के प्रतिनिधिमंडल एवं लोदना क्षेत्रीय प्रबंधन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य एजेंडा लोदना क्षेत्र की खदानों में मौजूद जोखिमों और खतरों का आकलन करना तथा उनके प्रभावी बचाव उपायों पर विस्तृत चर्चा करना था। इस क्रम में एकी नार्थ–साउथ–कुजामा एवं एकी जयरामपुर कोलियरी की खदानों में मौजूद जोखिम स्थलों की पहचान की गई और उन्हें माइन प्लान पर स्पष्ट रूप से चिन्हित किया गया।

बैठक में यह भी बताया गया कि इन क्षेत्रों का एक बार पूर्व में वैज्ञानिक अध्ययन किया जा चुका है, लेकिन कुछ स्थान अध्ययन से छूट गए थे। ऐसे सभी शेष स्थानों का जल्द से जल्द वैज्ञानिक अध्ययन कर उसकी अंतिम रिपोर्ट BCCL मुख्यालय में जमा की जाएगी। इस अध्ययन से खदानों में दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
इस अवसर पर लोदना क्षेत्र की ओर से महाप्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा, अवर महाप्रबंधक परवेज आलम, क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी आशीष तिवारी, परियोजना पदाधिकारी (एकी नार्थ–साउथ–कुजामा) संजीव कश्यप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
वहीं IIT-ISM की ओर से खनन अभियंत्रण विभाग के प्रमुख डी.पी. मिश्रा सहित अन्य शोधार्थी (स्कॉलर) भी बैठक में शामिल हुए।
इस महत्वपूर्ण पहल के लिए CMD एवं अध्यक्ष मंडल द्वारा प्रशंसा व्यक्त की गई, जो खदानों में दुर्घटनाओं के प्रति प्रबंधन की “Zero Tolerance” नीति और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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