धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की पारदर्शी और रैयत-हितैषी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया का सकारात्मक उदाहरण शुक्रवार को कोयला भवन मुख्यालय में देखने को मिला। बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल से दो रैयत बिशु महतो और जगबंधु महतो ने शिष्टाचार भेंट कर कंपनी प्रबंधन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्वी झरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक टी. पासवान भी उपस्थित रहे।
दोनों रैयत स्वेच्छा से कोयला भवन पहुंचे और उन्होंने बताया कि उन्हें विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत समय पर मुआवजा प्राप्त हुआ है। मुआवजा मिलने पर उन्होंने बीसीसीएल की पारदर्शी और निष्पक्ष कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कंपनी के प्रति अपना विश्वास जताया।
मुआवजा मिलने के बाद बीसीसीएल को सौंपी जमीन
जानकारी के अनुसार, दोनों रैयतों ने अपनी भूमि से संबंधित सभी आवश्यक और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद नियमानुसार मुआवजा प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने स्वेच्छा से अपनी भूमि के विधिवत निष्पादित विक्रय विलेख (डीड) बीसीसीएल को सौंप दिए।
इसमें बिशु महतो ने अपनी 69 डिसमिल और जगबंधु महतो ने अपनी 13 डिसमिल भूमि बीसीसीएल को हस्तांतरित की। दोनों ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में अपनाई गई पारदर्शिता, समयबद्ध कार्रवाई और निष्पक्ष व्यवस्था की विशेष रूप से सराहना की।
रैयतों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है बीसीसीएल
इस अवसर पर बीसीसीएल प्रबंधन ने कहा कि कंपनी भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी मामलों में निर्धारित नियमों और वैधानिक प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करती है। आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और सभी औपचारिकताओं की पूर्ति के बाद पात्र रैयतों को नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाता है।
प्रबंधन ने कहा कि रैयतों के साथ आपसी विश्वास, सतत संवाद और पारदर्शिता कंपनी के विकास के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास की मजबूत आधारशिला हैं। बीसीसीएल भविष्य में भी स्थानीय समुदाय और रैयतों के साथ सहयोगात्मक और विश्वासपूर्ण संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
