धनबाद, 5 सितंबर 2026: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के कोयला भवन मुख्यालय में 4 एवं 5 सितंबर को दो दिवसीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने की। बैठक में कंपनी की परिचालन गतिविधियों, कोयला उत्पादन, डिस्पैच, ओबीआर, परिवहन क्षमता, वित्तीय प्रदर्शन और वार्षिक कार्ययोजना (AAP) के अनुरूप निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के पहले दिन सभी क्षेत्रों ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से लक्ष्य के मुकाबले उपलब्धि, कोयला उत्पादन, परिवहन, डिस्पैच और ओबीआर की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की। इसके साथ ही वाशरी फीड, मासिक एवं संचयी लाभ तथा पिछले तीन वर्षों के वित्तीय प्रदर्शन सहित विभिन्न परिचालन एवं वित्तीय संकेतकों की समीक्षा की गई।
सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कोयला डिस्पैच, ओबीआर और परिवहन क्षमता बढ़ाने के साथ विभागीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने और परिचालन लागत को तर्कसंगत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने संविदा एवं हायर्ड पैचों के निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप संचालन और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने वाशरियों की उपलब्ध क्षमता का अधिकतम उपयोग करते हुए कोयला फीड, वॉश्ड कोल उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण कोयले की आपूर्ति बीसीसीएल की प्राथमिकता है और गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में नए एवं आगामी पैचों की स्थिति, मानसून के दौरान परिचालन चुनौतियों, वाशरी प्रदर्शन और कोयले की गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई। सीएमडी ने जल-जमाव सहित मानसून से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने तथा सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन करते हुए उत्पादन और डिस्पैच निर्बाध रखने के निर्देश दिए।
कोयला चोरी और अवैध खनन पर सख्ती
सुरक्षा एवं कोयला संरक्षण की समीक्षा के दौरान सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने बीसीसीएल और सीआईएसएफ के समन्वित प्रयासों से हाल के महीनों में कोयला चोरी एवं अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने इस व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ केंद्र सरकार की ‘जीरो कोल लीकेज टॉलरेंस पॉलिसी’ के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
बैठक में बीसीसीएल के सुरक्षा गार्डों को सीआईएसएफ के माध्यम से प्रशिक्षण देने तथा आईसीसीसी और तकनीक आधारित सर्विलांस के जरिए खदानों की निगरानी मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
निदेशक (वित्त)/प्रभारी निदेशक (मानव संसाधन) राजेश कुमार ने लागत अनुकूलन और मैनपावर रैशनलाइजेशन पर जोर दिया। उन्होंने उपलब्ध मानव एवं अन्य संसाधनों का दक्षतापूर्ण उपयोग कर लाभप्रदता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। साथ ही गुणवत्तापूर्ण एवं वॉश्ड कोल का उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने तथा वाशरियों को अधिकतम फीड उपलब्ध कराने के लिए सभी क्षेत्रों से विशेष प्रयास करने को कहा।
दूसरे दिन परिवहन क्षमता और HEMM के उपयोग की समीक्षा
बैठक के दूसरे दिन सभी क्षेत्रों की परिवहन क्षमता बढ़ाने की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सीएमडी ने निर्धारित समयसीमा के भीतर परिवहन क्षमता और कोयला डिस्पैच बढ़ाने के निर्देश दिए। इस दौरान वाहनों की मोबिलिटी, क्षमता उपयोगिता तथा हेवी अर्थ मूविंग मशीन (HEMM) की उपलब्धता एवं प्रभावी उपयोग की समीक्षा की गई।
विभिन्न क्षेत्रों में विभागीय मशीनरी और एचईएमएम की उपलब्धता का विश्लेषण करते हुए सीएमडी ने मशीनरी का अधिकतम उपयोग, बेहतर मोबिलिटी और उत्पादन आवश्यकताओं के अनुरूप संसाधनों के समन्वय पर जोर दिया।
सभी क्षेत्रों की दिनवार कोयला उत्पादन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने दैनिक उत्पादन कार्यक्रम का समयबद्ध क्रियान्वयन करने, संभावित बाधाओं की पहले पहचान कर समाधान निकालने तथा उत्पादन, परिवहन और डिस्पैच के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पावर सेक्टर को अधिकतम कोयला डिस्पैच करने के निर्देश
बैठक में वाशरियों के प्रदर्शन और परिचालन योजना पर भी विशेष चर्चा हुई। कोयले में संभावित ग्रेड स्लिपेज को नियंत्रित करने, उपलब्ध कोयले का बेहतर प्रबंधन करने तथा वाशरियों को फीड बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने वाशरियों की उपलब्ध क्षमता का अधिकतम उपयोग कर वॉश्ड कोल उत्पादन एवं डिस्पैच बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए। साथ ही पावर सेक्टर की मांग को देखते हुए अधिकतम कोयला पावर सेक्टर को डिस्पैच करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के साथ परिवहन क्षमता, मशीनरी एवं एचईएमएम का उपयोग, वाशरी क्षमता और डिस्पैच व्यवस्था को भी समान रूप से मजबूत करना आवश्यक है। उपलब्ध संसाधनों का दक्षतापूर्ण उपयोग, लागत नियंत्रण, गुणवत्ता में निरंतर सुधार और समयबद्ध कार्य निष्पादन से दैनिक एवं वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सीएमडी ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए टीम भावना और समन्वित प्रयासों के साथ उत्पादन एवं डिस्पैच लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने वॉश्ड एवं गुणवत्तापूर्ण कोयले का उत्पादन बढ़ाकर घरेलू कोयले की उपलब्धता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता बताई।
बैठक में इन अधिकारियों की रही उपस्थिति
दो दिवसीय समन्वय बैठक में निदेशक (तकनीकी/संचालन) संजय कुमार सिंह, निदेशक (वित्त/मानव संसाधन) राजेश कुमार, डीआईजी सीआईएसएफ राजीव मिश्रा, सुरक्षा सलाहकार विपुल शुक्ला, क्षेत्रीय महाप्रबंधकगण, कोयला भवन मुख्यालय के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) राजीव कुमार सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में सहभागिता की। धन्यवाद ज्ञापन के साथ दो दिवसीय बैठक का समापन हुआ।
