धनबाद, 20 सितंबर 2026: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने महेशपुर रैपिड लोडिंग सिस्टम (RLS) में सफल ट्रायल रेक लोडिंग के साथ कोयला परिवहन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रविवार को महेशपुर RLS से एनटीपीसी नबीनगर के लिए पहला कोयला रेक रवाना किया गया। 5.0 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTY) क्षमता वाला महेशपुर RLS बीसीसीएल की पहली First Mile Connectivity (FMC) परियोजना है।
कोयला मंत्रालय एवं कोल इंडिया के मार्गदर्शन तथा राज्य सरकार और भारतीय रेल के सहयोग से विकसित इस परियोजना की शुरुआत बीसीसीएल के सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल की उपस्थिति में की गई। इस दौरान महेशपुर RLS में ट्रायल रेक की सफल लोडिंग के बाद एनटीपीसी नबीनगर के लिए प्रथम रेक का प्रेषण किया गया।
इस अवसर पर बीसीसीएल के निदेशक (वित्त/मानव संसाधन) श्री राजेश कुमार, महाप्रबंधक (गोविंदपुर) श्री सत्यकाम आनंद, महाप्रबंधक (बरोरा) श्री के.के. सिंह, महाप्रबंधक (यूजी एवं साइडिंग) श्री जी.के. मेहता, महाप्रबंधक (विद्युत एवं यांत्रिकी) श्री आर.आर. कर्ण, परियोजना पदाधिकारी (महेशपुर साइलो) श्री धीरज कुमार तथा भारतीय रेल के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
5 मिलियन टन सालाना क्षमता वाला है महेशपुर RLS
महेशपुर RLS की वार्षिक क्षमता 5.0 मिलियन टन है। बीसीसीएल की पहली FMC परियोजना के रूप में विकसित इस प्रणाली का उद्देश्य कोयले की मशीनीकृत और तेज रेलवे लोडिंग के जरिए कोयला निकासी व्यवस्था को अधिक दक्ष बनाना है।
महेशपुर साइलो का निर्माण जनवरी 2020 में पूरा हो गया था। इसके बाद रेलवे से जुड़ी आधारभूत संरचना, वैधानिक स्वीकृतियों और परिचालन से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। साइलो के संचालन एवं रखरखाव के लिए M/s Merit Technologies India Limited को 27 अगस्त 2026 को पांच वर्ष की अवधि के लिए Letter of Award जारी किया गया।

अगस्त से सितंबर तक पूरे हुए कई महत्वपूर्ण ट्रायल
वर्ष 2026 में महेशपुर RLS को परिचालन में लाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण चरण पूरे किए गए। Main DC Line से रेल कनेक्टिविटी 7 अगस्त 2026 को पूरी हुई, जबकि Non-Interlocking (NI) कार्य 19 अगस्त 2026 को संपन्न किया गया। इसके बाद 9 सितंबर 2026 को डीजल इंजन का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
रेलवे प्राधिकरण ने 15 सितंबर 2026 को चार सप्ताह की अवधि के लिए Commercial Notification को स्वीकृति प्रदान की। सभी आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद 20 सितंबर को महेशपुर RLS में ट्रायल रेक की सफल लोडिंग की गई।
मशीनीकृत लोडिंग से कोयला निकासी होगी अधिक दक्ष
महेशपुर RLS के परिचालन से रेलवे रेक में कोयले की मशीनीकृत एवं तेज लोडिंग संभव होगी। इससे कोयला निकासी की दक्षता बढ़ाने के साथ पारंपरिक लोडिंग व्यवस्था पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। परियोजना से कोयला हैंडलिंग अवसंरचना और रेलवे परिवहन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की भी उम्मीद है।
महेशपुर RLS को परिचालन स्तर तक पहुंचाने में बीसीसीएल, भारतीय रेल, निष्पादन एजेंसियों और अन्य संबंधित हितधारकों का योगदान रहा है। बीसीसीएल की पहली First Mile Connectivity परियोजना होने के कारण इसे कंपनी की कोयला लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सफल ट्रायल रेक लोडिंग और एनटीपीसी नबीनगर के लिए पहले रेक के प्रेषण के साथ महेशपुर RLS ने परिचालन की दिशा में एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। इसके जरिए बीसीसीएल की मशीनीकृत कोयला लोडिंग एवं निकासी क्षमता को और मजबूत करने का रास्ता खुला है।

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