धनबाद: भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती के अवसर पर भारत कोकिंग कोल लिमिटेड द्वारा कोयला नगर स्थित अंबेडकर चौक एवं सामुदायिक भवन में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।
मुख्य कार्यक्रम अंबेडकर चौक पर आयोजित हुआ, जहाँ बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (वित्त) श्री राजेश कुमार, मुख्य सतर्कता पदाधिकारी, श्री अमन राज सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि/ सीसीसी, वेलफेयर एवं सेफ्टी बोर्ड सदस्य – श्री संजीत सिंह, श्री आर.के. तिवारी, श्री कुश कुमार सिंह, श्री उमेश सिंह, श्री मुरारी तांती, श्री अर्जुन सिंह, श्री के.के. सिंह, सिस्टा के संस्थापक श्री आर.एस. राम, संस्थापक सदस्य, श्री एस.डी. दास ललन, , श्री राजकुमार कनौजिया (राष्ट्रीय महासचिव), श्री कृष्ण बल्लभ पासवान (महासचिव), श्री भोला कुमार भुइयां (अध्यक्ष, सिस्टा बीसीसीएल), श्री संजय कुमार मरांडी (कोषाध्यक्ष), श्री प्रमोद कुमार (कार्यकारी अध्यक्ष), सिस्टा के अन्य सदस्य, कोयला भवन मुख्यालय के सभी महाप्रबंधक, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी-कर्मी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित सभी अतिथियों ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान संविधान झांकी को भी रवाना किया गया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए सामुदायिक भवन पहुँची। यहाँ आयोजित दूसरे सत्र में विचार संगोष्ठी-सह-सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका संयुक्त संचालन बीसीसीएल के अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ एवं सिस्टा (SC/ST Employees Association) द्वारा किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वागत गीत, छात्राओं द्वारा नृत्य प्रस्तुति तथा अंबेडकर क्लब के बच्चों द्वारा बहुजन झांकी आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने माता रमाबाई, संत कबीर, बिरसा मुंडा, ज्योतिबा फुले, संत रविदास, गौतम बुद्ध सहित कई महान विभूतियों की वेशभूषा धारण कर प्रस्तुति दी।
अपने संबोधन में सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सदैव एक न्यायपूर्ण और समावेशी समाज की स्थापना के लिए संघर्ष किया। उन्होंने वंचित और उपेक्षित वर्गों के अधिकारों हेतु अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनका दृष्टिकोण केवल सामाजिक समानता तक सीमित नहीं था, बल्कि शिक्षा, संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को आधुनिक भारत की आधारशिला बनाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बाबा साहब की दूरदर्शी सोच आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक है और हमें प्रेरित करती है कि हम एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करें जहाँ सभी नागरिकों को समान अवसर और सम्मान प्राप्त हो।
कार्यक्रम का समापन सिस्टा संस्थापक श्री आर. एस. राम द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मंच संचालन डॉ. रंजीता कीरो तथा जयनंदन पासवान ने संयुक्त रूप से किया।

