• Sat. Jun 13th, 2026

Noori Media and Entertainment

A High-tech house of media and Entertainment.

बीसीसीएल ने एमएमडीआर अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर आयोजित की कार्यशाला, अधिकारियों और CISF कर्मियों को दिया प्रशिक्षण।

Bynoorimedia@2015

May 15, 2026

कोयला नगर स्थित सामुदायिक भवन में एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) द्वारा कोयला नगर स्थित सामुदायिक भवन में एमएमडीआर अधिनियम, 1957 के अंतर्गत हालिया अधिसूचनाओं के अनुपालन और प्रदत्त शक्तियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बीसीसीएल अधिकारियों एवं सीआईएसएफ कर्मियों को अवैध खनन और कोयला चोरी पर नियंत्रण संबंधी कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना था।

कार्यक्रम में बीसीसीएल के सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी) श्री संजय कुमार सिंह, वरीय सुरक्षा सलाहकार श्री विपुल शुक्ला, डीआईजी (सीआईएसएफ) श्री जीतेंद्र तिवारी सहित कोयला भवन मुख्यालय के सभी महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, सीआईएसएफ अधिकारी एवं जवान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एवं प्रशिक्षक के रूप में झारखंड उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता श्री अनूप कुमार मेहता तथा जिला एवं सत्र न्यायालय, धनबाद के वरीय अधिवक्ता श्री शाहनवाज़ हुसैन शामिल हुए। दोनों विधि विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्रों के माध्यम से एमएमडीआर अधिनियम, 1957 के विभिन्न प्रावधानों एवं उनके व्यवहारिक क्रियान्वयन पर विस्तृत जानकारी दी।

पहले तकनीकी सत्र में श्री अनूप कुमार मेहता ने धारा 22, 23बी एवं 24 के अंतर्गत जारी अधिसूचनाओं के आलोक में अवैध खनन और कोयला चोरी पर नियंत्रण के उपायों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने अधिनियम से जुड़े कानूनी प्रावधानों, प्रक्रियात्मक पहलुओं और प्रवर्तन तंत्र पर विस्तार से चर्चा करते हुए व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए बताया कि किस प्रकार इन प्रावधानों का उपयोग कर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

दूसरे तकनीकी सत्र में श्री शाहनवाज़ हुसैन ने एमएमडीआर अधिनियम, 1957 के अंतर्गत अधिकारियों को प्राप्त शक्तियों, उनके विधिक दायरे, क्रियान्वयन की प्रक्रिया और व्यवहारिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रभावी अनुपालन के लिए विधिक समझ, जवाबदेही और समन्वित प्रयास बेहद जरूरी हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान, कोल इंडिया गीत और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। स्वागत संबोधन निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह ने दिया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य, महत्व और आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि एमएमडीआर अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन अवैध खनन और खदानों की सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों एवं सुरक्षा बलों को कानूनी प्रावधानों की बेहतर समझ प्रदान करते हैं, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें।

उन्होंने बीसीसीएल और सीआईएसएफ के बीच बेहतर समन्वय, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि संगठन की परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।

समापन सत्र में प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों के बीच संवादात्मक चर्चा हुई, जिसमें बीसीसीएल एवं सीआईएसएफ अधिकारियों ने अधिनियम से जुड़े विभिन्न प्रश्नों और जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त किए। कार्यक्रम का समापन वरीय सुरक्षा सलाहकार श्री विपुल शुक्ला के समापन संबोधन के साथ हुआ। मंच संचालन विभागाध्यक्ष (विधि) डॉ. कुमार शरत सिन्हा ने किया।

#BCCL #MMDRAct1957 #CoalIndia #Dhanbad #CoalMining #CISF #IllegalMining #CoalTheft #Jharkhand #MiningSecurity #ManojKumarAgarwal #SanjayKumarSingh #VipulShukla #JitendraTiwari #AnupKumarMehta #ShahnawazHussain


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed