झारखंड के पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक का रांची में निधन। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने विधानसभा पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की।
रांची: झारखंड के पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक का रविवार सुबह रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन के साथ झारखंड विधानसभा पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत मन्नान मल्लिक के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने मरांग बुरु से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मन्नान मल्लिक लंबे समय तक जनसेवा और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। उन्होंने झारखंड, विशेषकर धनबाद की जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने का कार्य किया। उनके निधन से राज्य ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि और सामाजिक सरोकारों से जुड़े नेता को खो दिया है। उन्होंने कहा कि मन्नान मल्लिक का निधन अपूरणीय क्षति है और उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने दिवंगत नेता के परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा उन्हें ढांढस बंधाया।
मन्नान मल्लिक के निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें जनसेवा के प्रति समर्पित नेता बताया।

धनबाद से विधायक रहे मन्नान मल्लिक ने श्रमिक आंदोलन और कांग्रेस संगठन को दी नई पहचान, राजनीतिक जगत में शोक की लहर
झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने रांची स्थित पल्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 83 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और उनके समर्थकों ने उनके निधन को राज्य की राजनीति और श्रमिक आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
मन्नान मल्लिक अपने सरल व्यक्तित्व, जनसरोकारों से जुड़े कार्यों और श्रमिक हितों के प्रति समर्पण के लिए व्यापक रूप से जाने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एक अलग पहचान बनाई और जनहित के मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाया।
वर्ष 2009 में मन्नान मल्लिक कांग्रेस के टिकट पर धनबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद उन्होंने झारखंड की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वे हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री भी रहे और अपने कार्यकाल के दौरान जनहित एवं विकास से जुड़े अनेक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई।

राजनीतिक जीवन की शुरुआत उन्होंने तत्कालीन बिहार के मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर के निजी सचिव के रूप में की थी। बाद में सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर उन्होंने कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे एक दशक से अधिक समय तक धनबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर भी रहे।
राजनीति के साथ-साथ मन्नान मल्लिक का श्रमिक आंदोलन से गहरा जुड़ाव रहा। वे राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ (आरसीएमएस) तथा राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष रहे। कोयलांचल क्षेत्र में मजदूर राजनीति के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होती थी और बीसीसीएल सहित पूरे क्षेत्र के श्रमिकों के बीच उनकी मजबूत पकड़ थी।
उन्होंने मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा, बेहतर वेतन और कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए निरंतर आवाज उठाई। श्रमिक हितों की रक्षा के लिए किए गए उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से राजनीतिक जगत के साथ-साथ श्रमिक संगठनों और कोयलांचल क्षेत्र में भी गहरा शोक व्याप्त है।
#MannanMallik #HemantSoren #Jharkhand #JharkhandNews #Ranchi #Dhanbad #BreakingNews #PoliticalNews #Tribute #JharkhandAssembly #KalpanaSoren #HindiNews
