धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) द्वारा शुक्रवार को कल्याण भवन (एचआरडी) में नव-नियुक्त प्रबंधन प्रशिक्षुओं (मैनेजमेंट ट्रेनी) के लिए इंडक्शन सह ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘परिचय’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नव-नियुक्त प्रशिक्षुओं को बीसीसीएल की कार्य-संस्कृति, संगठनात्मक मूल्यों, व्यावसायिक दायित्वों तथा नेतृत्व क्षमता से परिचित कराते हुए उनके समग्र व्यक्तित्व एवं पेशेवर दक्षताओं का विकास करना था।
कार्यक्रम में सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (वित्त) श्री राजेश कुमार, महाप्रबंधक (खनन/एचआरडी) श्री सुधाकर प्रसाद, विभागाध्यक्ष (अधिकारी स्थापना) श्रीमती शोभा जे. कुजूर सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कोयला भवन मुख्यालय एवं बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से आए 42 नव-नियुक्त प्रबंधन प्रशिक्षुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। परिचयात्मक एवं तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों ने संगठन की कार्यप्रणाली, कार्यसंस्कृति, मानव संसाधन नीतियों, नेतृत्व विकास, कार्य दक्षता तथा व्यावसायिक अपेक्षाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के औपचारिक स्वागत, सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन तथा कोल इंडिया गीत के साथ हुई। महाप्रबंधक (खनन/एचआरडी) श्री सुधाकर प्रसाद ने स्वागत संबोधन देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य एवं महत्त्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद आयोजित परिचयात्मक सत्र में सभी प्रशिक्षुओं ने अपना संक्षिप्त परिचय, शैक्षणिक पृष्ठभूमि, कार्यानुभव तथा अपने व्यावसायिक दृष्टिकोण साझा किए।
अपने प्रेरक संबोधन में सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने प्रशिक्षुओं से अनुशासन, ईमानदारी, पारदर्शिता और टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान औद्योगिक परिवेश में तकनीकी दक्षता के साथ प्रभावी संप्रेषण कौशल, निर्णय क्षमता, नवाचार और नेतृत्व गुण भी समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने सुरक्षा, उत्पादकता, गुणवत्ता एवं उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि युवा अधिकारी अपने ज्ञान, ऊर्जा और समर्पण से बीसीसीएल की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘मैनेजिंग सेल्फ एंड टीम’ (स्व एवं टीम प्रबंधन) विषय पर विशेष तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया। निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया ने प्रतिभागियों को आत्म-प्रबंधन, प्रभावी नेतृत्व, टीम निर्माण, समय प्रबंधन, प्रभावी संचार, भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक दृष्टिकोण तथा कार्यस्थल पर सहयोगात्मक व्यवहार के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावी नेतृत्व की शुरुआत स्वयं को समझने, निरंतर आत्मविकास करने तथा टीम के प्रत्येक सदस्य की क्षमता को पहचानकर उसे उचित दिशा देने से होती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके कर्मियों की क्षमता, प्रतिबद्धता और कार्यसंस्कृति में निहित होती है।
इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि कोयला उद्योग लगातार तकनीकी बदलावों और नई चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में युवा अधिकारियों को नवाचार, तकनीकी दक्षता, सुरक्षा और टीमवर्क को अपने कार्य का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षुओं को जिज्ञासु दृष्टिकोण अपनाने तथा क्षेत्रीय इकाइयों में कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभवों से निरंतर सीखने की सलाह दी।
निदेशक (वित्त) श्री राजेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संगठन की सफलता संसाधनों के प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी उपयोग पर आधारित होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से नैतिक मूल्यों, जवाबदेही और उत्कृष्ट कार्य निष्पादन की भावना के साथ कार्य करते हुए संगठन के संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के विभिन्न सत्र पूरी तरह संवादात्मक रहे, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन महाप्रबंधक (खनन/एचआरडी) श्री सुधाकर प्रसाद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जबकि मंच संचालन वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री सफूरा रुबाब ने किया।
