धनबाद:
बीसीसीएल के कल्याण भवन, एचआरडी में ‘कार्यस्थल पर महिला यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (POSH Act 2013)’ के प्रावधानों को लेकर एक दिवसीय सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बीसीसीएल की आंतरिक समिति (आईसी) के सदस्य एवं क्षेत्रीय मानव संसाधन प्रबंधकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को POSH अधिनियम के कानूनी प्रावधानों, आंतरिक समिति की भूमिका, जिम्मेदारियों और जांच प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी देना था, ताकि संगठन में अधिनियम का प्रभावी और संवेदनशील क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। कोयला भवन मुख्यालय और बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 50 अधिकारियों ने प्रशिक्षण में सहभागिता की।
कार्यक्रम में निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाप्रबंधक (एचआरडी) श्री अनूप कुमार रॉय, विभागाध्यक्ष (अधिकारी स्थापना) श्रीमती शोभा जे. कुजूर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। कोलकाता की प्रसिद्ध व्यवहार परामर्शदाता सुश्री शयंती रॉय ने विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया।

अपने संबोधन में श्री रमैया ने कहा कि POSH अधिनियम महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण कानून है। इसका सही पालन संगठन में सकारात्मक, संवेदनशील और सुरक्षित कार्य संस्कृति विकसित करता है। उन्होंने अधिकारियों से कानून की गहरी समझ विकसित करने और निष्पक्ष वातावरण बनाने की अपील की।
प्रशिक्षक सुश्री शयंती रॉय ने आंतरिक समिति की संरचना, कार्यप्रणाली, शिकायत प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन और जांच की चरणबद्ध प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। व्यावहारिक समझ के लिए काल्पनिक केस स्टडी, क्विज़ और संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का समापन स्मृति-चिह्न भेंट एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री सफ़ुरा रुबाब ने किया।

