बीसीसीएल के कोयला भवन मुख्यालय में केंदुआडीह क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-धंसान और जहरीली गैस उत्सर्जन की गंभीर स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बीसीसीएल के सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने की। बैठक में प्रभावित क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा, तकनीकी उपायों और पुनर्वास की दिशा में विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में कोयला मंत्रालय के परियोजना सलाहकार श्री आलोक कुमार सिंह, निदेशक मानव संसाधन श्री मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक तकनीकी संचालन श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक तकनीकी संचालन योजना एवं परियोजना श्री राजीव कुमार सिन्हा, निदेशक वित्त श्री राजेश कुमार, महाप्रबंधक जेएमपी श्री राजीव चोपड़ा तथा महाप्रबंधक सुरक्षा एवं बचाव श्री संजय कुमार सिंह सहित मुख्यालय के कई महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस दौरान आईआईटी-आईएसएम, पीएमआरसी और सिम्फर के तकनीकी विशेषज्ञों ने भी बैठक में भाग लिया। विशेषज्ञों में श्री धीरज कुमार और श्री डी.सी. पाणिग्रही प्रमुख रूप से शामिल रहे। बैठक में टांड़ाबाड़ी एवं केंदुआडीह क्षेत्र, विशेषकर पुराने एनएच-32 गोधर-पुटकी मार्ग स्थित पुराने जीएम बंगले के समीप उत्पन्न पॉटहोल, भू-धंसान और गैस उत्सर्जन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि क्षेत्र की स्थिति बेहद संवेदनशील और चिंताजनक बनी हुई है। लगातार हो रहे जहरीली गैस उत्सर्जन और जमीन धंसने की घटनाओं से स्थानीय लोगों के जीवन और संपत्ति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
बैठक में बताया गया कि नाइट्रोजन फ्लशिंग सहित कई तकनीकी उपाय किए गए, लेकिन अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो सके। विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से कहा कि प्रभावित क्षेत्र के सभी परिवारों का जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास ही एकमात्र व्यवहारिक और सुरक्षित विकल्प है।

विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए मुख्य सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-32 को दोबारा चालू करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है और इससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
बैठक को संबोधित करते हुए सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि बीसीसीएल प्रबंधन क्षेत्र की लगातार निगरानी कर रहा है और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का जोखिम स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि बीसीसीएल प्रबंधन राज्य सरकार एवं संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित परिवारों के सुरक्षित और व्यवस्थित पुनर्वास की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि क्षेत्र की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन हुआ।
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