AIDEOA के नेतृत्व में BCCL के केंद्रीय पदाधिकारियों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें Kush Kumar Singh ने अध्यक्षता की। बैठक में कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा 15 अप्रैल 2026 को जारी कार्यालय आदेश के संदर्भ में नई Executive Cadre Scheme पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस नई स्कीम के विरोध में AIDEOA चरणबद्ध आंदोलन करेगा। इसी क्रम में 24 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक सभी माइनिंग स्टाफ काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
महामंत्री कुश कुमार सिंह ने कहा कि यह नई व्यवस्था विशेष रूप से विभागीय पदोन्नति पाने वाले माइनिंग सुपरवाइजरी स्टाफ के हितों के खिलाफ है। उनके अनुसार, इस स्कीम के लागू होने से ऐसे कर्मचारियों की कैरियर ग्रोथ प्रभावित होगी और वे अपने पूरे सेवाकाल में अधिकतम E4 या E5 ग्रेड तक ही सीमित रह जाएंगे। इससे उनके वेतन, पद और सम्मान पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को कमजोर करेगा और संगठन में असंतोष को बढ़ावा देगा। AIDEOA ने मांग की है कि योजना में तत्काल संशोधन किया जाए, ताकि विभागीय पदोन्नति से आने वाले अधिकारियों को भी समान और न्यायसंगत कैरियर प्रगति मिल सके।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि प्रबंधन जल्द ही इस योजना में बदलाव नहीं करता है, तो AIDEOA उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
इस बैठक में वाई. के. सिंह, विजय यादव, जय नंदन पासवान, संजय कुमार सिंह, उमाकांत राय, अरुण कुमार दुबे, शिव शंकर महतो, राकेश प्रसाद सिंहा, बालेश्वर पंडित, मिहीर कुमार रजवार, साजन महतो, अमित झा, गोपाल गोराई, रवि ओंकार, रविकांत गुप्ता, अमित नारायण, पुलपुल झा, धनंजय कुमार, बिगु साव, धनंजय कुमार सिंह, संजय कुमार महतो, के.डी. यादव, रंजय सिंह और शशिकांत गुप्ता सहित कई केंद्रीय पदाधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में इस नीति का विरोध किया।
