बीसीसीएल मुख्यालय समेत कई क्षेत्रों में राजभाषा नीति के अनुपालन की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक सुझाव
धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड में राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कोयला मंत्रालय की एक उच्चस्तरीय टीम ने शुक्रवार को बीसीसीएल मुख्यालय सहित कुसुंडा, गोविंदपुर, सिजुआ, ब्लॉक-2 एवं बरोरा क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम का नेतृत्व कोयला मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार एवं राजभाषा प्रभारी श्री माणिक चन्द्र पंडित ने किया।
निरीक्षण दल में सहायक निदेशक (राजभाषा) श्री विशाल, वरिष्ठ प्रबंधक (राजभाषा) श्री दिलीप कुमार सिंह तथा श्री शशिकांत भटनागर शामिल थे। टीम ने मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों में हिंदी के प्रयोग, अभिलेखों के संधारण, आधिकारिक पत्राचार तथा राजभाषा संबंधी प्रावधानों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की।

इस अवसर पर बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया, महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री मनीष मिश्रा, प्रबंधक (राजभाषा) श्री उदयवीर सिंह सहित कोयला भवन मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन), नोडल राजभाषा अधिकारी एवं राजभाषा संवर्ग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल), धनबाद में भी राजभाषा क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान सीएमपीडीआईएल क्षेत्रीय कार्यालय-2 के क्षेत्रीय निदेशक एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान मंत्रालय की टीम ने राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन को और मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन भी दिया। अपने संबोधन में श्री माणिक चन्द्र पंडित ने कहा कि कोयला मंत्रालय की सभी अनुषंगी कंपनियों में राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से इस प्रकार के निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय का उद्देश्य केवल औपचारिक अनुपालना तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यावहारिक और व्यापक उपयोग को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने बीसीसीएल में राजभाषा क्रियान्वयन के स्तर की सराहना करते हुए इसे उत्कृष्ट बताया और भविष्य में भी इसे और सुदृढ़ करने पर बल दिया।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया ने कहा कि बीसीसीएल राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संगठन के सभी स्तरों पर हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने दैनिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता दें और राजभाषा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधक (राजभाषा) श्री उदयवीर सिंह ने किया।
