महेशपुर साइलो, मधुबन वाशरी और अवैध खनन नियंत्रण पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश, गुणवत्ता एवं सुरक्षा पर विशेष जोर
धनबाद। बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को बरौरा, ब्लॉक-2 एवं गोविंदपुर क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण कर कोयला प्रेषण अवसंरचना, वाशरी संचालन, मानसून पूर्व तैयारियों, सुरक्षा मानकों तथा अवैध खनन नियंत्रण उपायों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक (ई एंड एम) आर.आर. कर्ण, महाप्रबंधक (साइडिंग) जी.के. मेहता सहित कोयला भवन मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के विभिन्न चरणों में बरौरा के महाप्रबंधक के.के. सिंह, ब्लॉक-2 के महाप्रबंधक कुमार रंजीव, कतरास के महाप्रबंधक बी.के. झा एवं गोविंदपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक तथा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
सीएमडी ने निरीक्षण की शुरुआत बरौरा क्षेत्र के केकेसी लिंक साइडिंग और ब्लॉक-2 क्षेत्र के केकेसी मेन साइडिंग से की। यहां उन्होंने कोयला लोडिंग कार्य, सुरक्षा व्यवस्था और मानसून पूर्व तैयारियों का जायजा लिया। महेशपुर साइलो के आगामी संचालन और कोयला लोडिंग क्षमता में संभावित वृद्धि को देखते हुए उन्होंने केकेसी मेन साइडिंग की लाइन को स्थानांतरित कर मुख्य रेलवे लाइन और साइडिंग लाइन के बीच अधिक दूरी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। साथ ही ओवरहेड विद्युत लाइनों के स्थानांतरण एवं आवश्यक प्लेटफॉर्म विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के निर्देश दिए।

साइडिंग परिसर में शेल पिकर्स से बातचीत करते हुए मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि आधुनिक क्रशिंग, साइजिंग और हैंडलिंग प्रणाली लागू होने के बाद उनकी परिचालन आवश्यकता समाप्त हो चुकी है। उन्होंने सभी पक्षों से सुचारु संचालन में सहयोग करने का आह्वान किया तथा अधिकारियों को निर्धारित फ्री लोडिंग समय के भीतर कोयला लोडिंग सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को केवल क्रश्ड एवं गुणवत्तायुक्त कोयले की आपूर्ति करने का निर्देश दिया।
मधुबन वाशरी में सीएमडी ने प्लेटफॉर्म विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उसे शीघ्र पूरा करने को कहा। उन्होंने आरओएम कोयले की गुणवत्ता, दैनिक फीड दर और वाश्ड कोकिंग एवं पावर कोयले की यील्ड की समीक्षा की। साथ ही ब्लॉक-2 एवं गोविंदपुर क्षेत्र के अधिकारियों को वाशरी में केवल गुणवत्तापूर्ण आरओएम कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा उसमें पत्थर या अन्य बाहरी सामग्री के मिश्रण को रोकने के निर्देश दिए।
वाशरी की क्षमता उपयोगिता बढ़ाने के लिए सीएमडी ने सिजुआ और कुसुंडा क्षेत्रों की खदानों से आरओएम कोयले की आपूर्ति हेतु लिंकेज विकसित करने तथा मधुबन वाशरी में कोयले की दैनिक प्राप्ति बढ़ाकर 13,000 टन प्रतिदिन करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने वाश्ड कोयले की यील्ड में सुधार पर भी विशेष बल दिया।
गोविंदपुर क्षेत्र में मनोज कुमार अग्रवाल ने बागडीगी जोरे में चल रहे एमएएफएल लाइनिंग कार्य का निरीक्षण किया और शेष कार्य मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावी जल प्रबंधन और खनन अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अवैध खनन पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएमडी ने गोविंदपुर एवं कतरास क्षेत्रों के अधिकारियों को संयुक्त रूप से सभी अवैध खनन प्रवेश बिंदुओं की पहचान कर उन्हें स्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीआईएसएफ को भी ऐसी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के समापन पर सीएमडी ने अधिकारियों, कर्मचारियों और सभी हितधारकों से उत्पादन एवं प्रेषण लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, गुणवत्ता, पर्यावरणीय अनुपालन, परिचालन अनुशासन, टीमवर्क और दूरदर्शी योजना वर्तमान वित्तीय वर्ष में बीसीसीएल के लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रमुख आधार होंगे।
यह निरीक्षण अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, कोयला गुणवत्ता सुधार, वाशरी प्रदर्शन में वृद्धि, व्यापक मानसून तैयारियों तथा सुरक्षित एवं सतत खनन के प्रति बीसीसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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